Bhavesh Patel

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  1.  अगर मैं हद से गुज़र जाऊं तो मुझे माफ़ करना;
    तेरे दिल में उतर जाऊं तो मुझे माफ़ करना;
    रात में तुझे तेरे दीदार की खातिर;
    अगर मैं सब कुछ भूल जाऊं तो मुझे माफ़ करना।

     कुछ पल के लिए हमें अपनी बाहों में सुला दो;
    अगर आँखें खुली तो उठा देना ना खुली तो दफना देना।

     किसी की खातिर मोहब्बत की इन्तहा कर दो;
    लेकिन इतना भी नहीं कि उसको खुदा कर दो;
    मत चाहो किसी को टूट कर इस कदर;
    कि अपनी ही वफाओं से उसको बेवफा कर दो।

     माना कि किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही;
    पर ये सच है कि मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही;
    उसके दिल में, उसकी यादो में कोई और है लेकिन;
    मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही।
     ऐसा जगाया आपने कि अब तक ना सो सके;
    यूँ रुलाया आपने कि महफ़िल में हम ना रो सके;
    ना जाने क्या बात है आप में सनम;
    माना है जबसे तुम्हें अपना किसी के ना हम हो सके।
     लाख बंदिशें लगा दे यह दुनिया हम पर;
    मगर दिल पर काबू हम कर नहीं पायेंगे;
    वो लम्हा आखिरी होगा हमारी ज़िन्दगी का;
    जिस पल हम तुझे इस दिल से भूल जायेंगे।

     किसी पत्थर में मूर्त है, कोई पत्थर की मूर्त है;
    लो हम ने देख ली दुनिया, जो इतनी खूबसूरत है;
    ज़माना अपनी न समझे कभी पर मुझे खबर है;
    कि तुझे मेरी ज़रूरत है और मुझे तेरी ज़रूरत है।

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